रेलवे स्टेशन पर कल ही लगा था बनारस का होर्डिंग, आज फिर लगा मंडुवाडीह का बोर्ड, जानिए वजह

पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुवाडीह स्टेशन का नामकरण बनारस होने के बाद स्टेशन पर तमाम जगहों पर बनारस की पट्टिकाएं और होर्डिंग लगाएं गए हैं, लेकिन अब उन्हें हटाकर फिर से मंडुवाडीह नाम लिखा जा रहा है। ऐसा इसलिए कि रेलवे के सिस्टम में अभी पुराना मंडुवाडीह स्टेशन का कोड एमयूवी ही शो कर रहा है। जबकि बनारस नाम से कोड बीएसबीएस जारी किया गया है।

आरक्षण के समय यात्रियों में कोड को लेकर काफी भ्रम की स्थिति रही। यह देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सिस्टम अपग्रेड नहीं होने तक मंडुवाडीह नाम ही चलने का फैसला लिया है।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया कि मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर ट्रायल बेस पर एक बोर्ड पर बनारस लिखा गया था। अब यह निर्णय लिया गया है कि पेंटिंग बोर्ड की जगह रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाया जाएगा। वहीं पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में बनारस नाम एवं कोड फीड होने के बाद रेलवे बोर्ड से निर्देश मिलते ही नाम बदलने की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक के निरीक्षण के दौरान ट्रायल के तौर पर एक बोर्ड पर बनारस लिखा गया था। जिसे देखने के बाद मंडुवाडीह के उच्च मानक को ध्यान में रख कर यह निर्णय लिया गया है कि पेंटिंग बोर्ड की जगह रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाया जाए। इससे दिन एवं रात्रि में लाइट पड़ने पर स्टेशन की सुंदरता में और निखार आए।

शनिवार को मंडुवाडीह स्टेशन पर बनारस बोर्ड लगाया गया था। नई दिल्ली जाने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस की पट्टिकाओं पर बनारस नाम लिखकर रवाना किया गया था। अब एक बार फिर से मंडुवाडीह किया जा रहा है।

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