मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल एवं जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा द्वारा आज ईएसआईसी हास्पिटल का निरीक्षण किया।

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल एवं जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा द्वारा आज ईएसआईसी हास्पिटल का निरीक्षण किया।

  • मण्डलायुक्त द्वारा आक्सीजन सिलिंडरों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली तो बताया गया कि 28 D तथा 03 B सिलिंडर हैं जो कि मरीजों के लिए पर्याप्त हैं।
  • मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि वर्तमान में L1 के 24 मरीज भर्ती हैं।
  • आक्सीजन सप्लाई के सिस्टम तथा रिफिलिंग व्यवस्था के विषय में पूछताछ की गई।
  • मण्डलायुक्त द्वारा अस्पताल में आने वाले मरीजों के बैठने के स्थान, काउण्टर सहित सभी जगहों पर सेनिटाइजेशन तथा औषधियों की उपलब्धता के बारे में मेडिकल सुपरिटेंडेंट से पूछा गया।
  • अस्पताल में इलाज के पर्याप्त संसाधनों के बारे में भी जानकारी करते हुए कहा कि किसी तरह की कोई भी समस्या हो तो उसका तत्काल निदान किया जाये और जिला प्रशासन की जानकारी में लायें।
  • जिलाधिकारी ने अस्पताल के रिसेप्शन / रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण करने के दौरान वहां टोकन वेंडिग मशीन के बारे में पूछा कि जिसे मशीन की जानकारी न हो तो वह कैसे टोकन लेता है तो बताया गया कि ड्यूटी पर तैनात गार्ड उसे मदद करते हैं टोकन निकाल कर देते हैं।
  • टोकन वेंडिंग मशीन से 4 रजिस्ट्रेशन काउंटर के लिए टोकन दिए जाते हैं जिससे लोगों में डिस्टेंस बना रहे और भीड़ ना इकट्ठा हो।
  • दोनों अधिकारियों द्वारा एम.एस कक्ष में स्थापित सीसीटीवी कैमरा कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण किया गया।
  • उन्होंने पूछा कि डाक्टरों के वार्ड में ड्यूटी पर तैनात रहने तथा मरीजों के इलाज पर किस तरह नज़र रखी जाती है।
  • मण्डलायुक्त ने जानना चाहा कि वार्ड में भर्ती मरीज से बात हो सकती है क्या, तत्पश्चात् कंट्रोल रूम से ही मौके पर मौजूद स्टाफ द्वारा मण्डलायुक्त से बात करायी गयी।
  • वार्ड में भर्ती मरीज गौरव सोनकर से उन्होंने बातचीत के दौरान पूछा कि आप कब भर्ती हुए, क्या परेशानी थी, क्या आपको दवा दी जा रही है, डाक्टर देखने आते हैं कि नहीं, खाना समय पर मिलता है और खाने की गुणवत्ता कैसी है,क्या बेड की चादर बदली जाती है, इन्हेलर आदि दिया जाता है, साफ-सफाई ठीक तरह से होती है क्या।
  • मरीज द्वारा दिये गये सभी सवालों के जवाब से अधिकारी द्वय संतुष्ट दिखे और मरीज के जल्दी स्वस्थ्य होने की कामना के साथ उसे आश्वस्त किया कि आप जल्दी ठीक होकर घर जायेंगे। मरीज से यह भी कहा कि यदि आप सुझाव देना चाहें तो दे सकते हैं इस पर मरीज ने इलाज से संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि इलाज अच्छी तरह किया जा रहा है।
  • मण्डलायुक्त ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट को निर्देशित किया कि मरीजों के अटेन्डेंट को मरीज की स्थिति की सही जानकारी भी दें जिससे वे संतुष्ट रहें और इलाज के बारे में किसी प्रकार की कोई भ्रांति न हो।

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