बिहार मे बड़ी बेरहमी से पत्रकार का मर्डर, हत्या के बाद बदमाशों ने निकाली आंख

बिहार के मोतिहारी में बड़ी बेरहमी से एक पत्रकार की हत्या कर दी गई है. बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदों को पार करते हुए इस घटना को अंजाम दिया है. निर्मम तरीके से हत्या करने के बाद अपराधियों ने पत्रकार की आंखें निकाल ली है. डेड बॉडी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फ़ैल गई है. पुलिस मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.

वारदात पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र कि है. यहां मठलोहियार गद्दी टोला चंवर से एक पत्रकार का शव बरामद किया गया. मृतक पत्रकार की पहचान मनीष कुमार सिंह के रूप में की गई, जो एक निजी चैनल में कार्यरत थे. मनीष मूल रूप से इसी जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के रहने वाले थे. इनके पिता संजय कुमार सिंह भी पत्रकार हैं और वह अरेराज दर्शन नामक एक पेपर के संस्थापक संपादक हैं.

इस घटना के बाबत जानकारी मिली है कि मनीष पिछले तीन दिनों से घर से लापता थे. बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले मनीष अपने दो साथियों के साथ मठलोहियार में रात 8:42 तक देखे गए थे. इसके बाद वह दावत खाने के लिये निकले थे, जिसके बाद से ही वो गायब थे. लगातार उनका मोबाइल बंद था. गायब होने के बाद उनकी बाइक मठ लोहियार गांव से संदिग्ध स्थिति मिली थी. घरवालों ने काफी खोजबीन की लेकिन मनीष नहीं मिले.

इसके बाद मनीष के पिता संजय कुमार सिंह ने अनहोनी की आशंका जताते हुए हरसिद्धि थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें स्थानीय कथित दो पत्रकारों सहित 12 लोगो की नामजद किया गया था. कई मामलों के उजागर करने के कारण उन्हें हमेशा धमकी मिलती रहती थी, साथ ही उनका पट्टीदारो से जमीन का विवाद भी चल रहा था.

इस मामले में पुलिस दो पत्रकारों हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी कि इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि मठ लोहियार गांव के सरेह में एक अज्ञात शव मिला है. पुलिस की सूचना पर मृतक के पिता संजय सिंह ने मौके पर पहुंच कर शव की शिनाख्त जूते से किया. शव को देखने पर पानी मे फूल जाने से पहचान में परेशानी हो रही थी. उनके चेहरे पर काला धब्बा था और एक आंख निकाल ली गई थी.

मृतक पत्रकार के पिता संजय सिंह ने बताया कि खबरों के माध्यम से मामलों को उजागर करने के कारण पुत्र की हत्या कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि जमीनी विवाद पट्टीदारों से चल रहा है,जिसमे भी हत्या किया गया हो सकता है. मामले की जांच कर रहे अरेराज के डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि ग्रामीण अपने धान के खेत में खाद छिट रहे थे तो धान के खेत में मृतक का जूता मिला था. आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल करा कर सजा दिलाया जाएगा.

डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि घटना के दिन वीडियो फुटेज में उसके साथ उसके दो साथी अमरेंद्र कुमार और असजद आलम थे. उसके बाद दोनों साथी अपने घर चले गए और मनीष लापता हो गया. मनीष का बैग अमरेन्द्र के घर से बरामद हुआ है. उसके दोनों साथी को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया गया है. उधर मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा ने घटना के तुरंत बाद एसआईटी का गठन कर दिया है. पुलिस ने भरोसा दिया है कि जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा हो जायेगा.

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